Tuesday, April 28, 2009

भूले हैं उन्हें राफ्ता राफ्ता मुद्दतों में हम

भूले हैं उन्हें राफ्ता राफ्ता मुद्दतों में हम
किश्तों में खुदकुशी का मज़ा हम से पूछिये
--खुमर बरबनकवी


Source : http://www.urdupoetry.com/khumar04.html

1 comment:

  1. अगाज़े आशिकी का मज़ा आप जानिए
    अंजामे आशिकी का मज़ा हम से पूछिये
    - जनाब खुमार बाराबंकवी

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