Wednesday, March 11, 2009

sharaab chhoR di tumne, kamaal hai Thakur

शराब छोड़ दी तुमने ,कमाल है ठाकुर
मगर ये हाथ में क्या लाल लाल है ठाकुर

किसी गरीब दुपट्टे का कर्ज़ है इस पर ,
तुम्हारे पास जो रेशम कि शाल है ठाकुर

तुम्हारी लाल हवेली छुपा न पाएगी ,
हमे ख़बर है कहाँ कितना माल है ठाकुर

दुआ को नन्हे गुलाबों ने हाथ उठाये है,
बस अब यहाँ से तुम्हारा जवाल है ठाकुर

--राहत इंदोरी

1 comment:

  1. oyeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee....bhai ji ye kaha se mili aapko ...oh oh ..kya baat hai..waah.....kamaal hai thakur

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