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Tuesday, October 21, 2025

एक तुझसे बनाने के लिए मैंने बिगाड़ ली सबसे

शोर बहुत है मगर सुनाई नहीं देगा
दर्द दिल का अब चेहरे पर दिखाई नहीं देगा 
एक तुझसे बनाने के लिए मैंने बिगाड़ ली सबसे 
सो मेरे हक़ में भी कोई गवाही नहीं देगा 

Tuesday, September 30, 2025

आखिर में मर जाएंगे

आखिर में मर जाएंगे सब लोग अपनी अपनी मौत 

सबको किसी न किसी बात का मलाल रह जाएगा 

--अज्ञात 

Sunday, September 14, 2025

माना तेरी दीद के काबिल नहीं हूँ मैं

माना तेरी दीद  के काबिल नहीं हूँ मैं 

तू मेरा शौक तो देख, मेरा इंतज़ार तो देख 

--अज्ञात 

Monday, February 24, 2025

खामोशी की तह में, छुपा लीजिए सारी उलझनें

खामोशी की तह में, छुपा  लीजिए सारी उलझनें 

शोर कभी मुश्किलों को आसान नहीं करता 

Sunday, August 27, 2023

तुझमें ही कहीं रब रहता है

तेरा साथ मेरे हाथ में जब रहता है 
मानो मेरे कदमों मे सब रहता है 
 तू रूठे तो खुदा रूठे मुझसे 
यानी तुझमे ही कहीं रब रहता है 

 https://www.youtube.com/shorts/VdxxlDNLDlI

Tuesday, August 15, 2023

सुना है वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है

बदन पर घाव दिखा कर जो पेट भरता है 
सुना है वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है 

 --अज्ञात

मैं लड़का था मुझे मुस्कुराना पड़ा

मेरे कुछ ख्वाबों को मुझे जलाना पड़ा, कुछ ख्वाहिशों को भीतर दबाना पड़ा, भरी थी आँखे मगर किसको फ़िकर थी, मैं लड़का था मुझे मुस्कुराना पड़ा --Unknown

सीख कर गया वो मोहब्बत तुझसे

सीख कर गया वो मोहब्बत तुझसे अब जिस से भी करेगा बेमिसाल करेगा  --अज्ञा

Wednesday, November 9, 2022

चांदी सोना एक तरफ

चांदी सोना एक तरफ
तेरा होना एक तरफ
एक तरफ तेरी आखें
जादू टोना एक तरफ

Monday, October 31, 2022

नीयत-ए-शौक भर ना जाए कहीं

नीयत-ए-शौक भर ना जाए कहीं
तू भी दिल से उतर ना जाए कहीं
आज देखा है तुझ को देर के बाद
आज का दिन गुज़र ना जाए कहीं

--अज्ञात 

Sunday, October 16, 2022

अगर वो पूछ ले हमसे

अगर वो पूछ लें हमसे, कहो किस बात का गम है।
तो फिर किस बात का गम हो, अगर वो पूछ लें हमसे।।

अगर वो पूछ लें हमसे, कहाँ रहते हो शामों में।
तो शामों में कहाँ हम हों, अगर वो पूछ लें हमसे।।

मलाल-ए-इश्क़ इतना है, सवालों की गिरह में हूँ ।
जो तुम पूछो- जवाबें दूँ, जो न पूछो- किसे कह दूँ !

मुनासिब है न मुंह खोलो, न पूछो और न कुछ जानो। 
पर उस निगाह का क्या हो, जिरह करती है जो हमसे।।

गुल-ए-गुलज़ार हो तुम, हर हवा का रुख तुम्ही पर है।
मगर झूमो तो यूँ झूमो, जो टूटो - पास आ जाओ।।

मैं ही बता देता, पर डर है - है किस्सा मोहब्बत का,
कि अंत आगाज़ का जब हो, आगाज़ अंत का न हो।।

Wednesday, May 12, 2021

ना नीम ना हकीम, ना किसी आलिम से हल होंगे

ना नीम, ना हकीम, ना किसी आलिम से हल होंगे
ये तो मेरे दिल के मसले हैं, उसी ज़ालिम से हल होंगे
--अज्ञात

Friday, April 30, 2021

Prescription है पर दवा नहीं है

कोई किस्त है जो अदा नहीं है
साँस बाकी है और हवा नहीं है

नसीहतें, सलाहें, हिदायतें तमाम
प्रिस्क्रिप्शन हैं पर दवा नहीं है

आँख भी ढक लीजिये संग मुँह के
मंजर सचमुच अच्छा नहीं है

हरेक शामिल है इस गुनाह में
कुसूर किसका है पता नहीं है।

Tuesday, February 23, 2021

दुख हमको अगर अपना बताना नहीं आता

दुख हमको अगर अपना बताना नहीं आता
तुमको भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता

अज्ञात

अब सबके बाद आते हो

मतलब ये के भूला नहीं हूं
ये भी नहीं के याद आते हो

पहले सबसे पहले आते थे तुम
अब सबके बाद आते हो ।

अज्ञात

Sunday, February 14, 2021

मेरी तलब के तकाजे पर थोड़ा गौर तो कर

मेरी तलब के तकाजे पर थोड़ा गौर तो कर
मैं तेरे पास आया हूं, खुदा के होते हुए

-- अज्ञात

Monday, June 15, 2020

तुझे मेरी ज़रूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है

कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है,
लो हमने देख ली दुनिया, जो इतनी खूबसूरत है,
ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है,
तुझे मेरी ज़रूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है

अज्ञात 

Saturday, June 6, 2020

पनाहों में जो आया हो फिर उस पर वार क्या करना

पनाहो में जो आया हो फिर उसपर वार क्या करना
जो दिल हारा हो उसप फिर अधिकार क्या करना
मोहब्बत का मज़ा तो डूबने की कशमकश में है
हो मालूम गहराई तो दरिया पार क्या करना

Source: tiktok @praveenvarvariya01

Saturday, November 16, 2019

मारूफियत में आती है बेहद तुम्हारी याद

ये कैसा नशा है

ये कैसा नशा है मैं किस अजब ख़ुमार में हूँ
तू आ के जा भी चुका है मैं इंतिज़ार में हूँ