अजीब है कि मुझे रास्ता नहीं देता
मैं उसको राह से जब तक हटा नहीं देता
मुझे भी चाहिये कुछ वक्त खुद से मिलने को
मैं हर किसी को तो अपना पता नहीं देता
ये अपनी मर्ज़ी से अपनी जगह बनाते हैं
समंदरों को कोई रास्ता नहीं देता
ज़रूर है किसी गर्दन पे रौशनी का खून
कोई चिराग तो खुद को बुझा नहीं देता
मेरी निगाह की गुस्ताखियाँ समझता है
वो जाने क्यों मुझे फ़िर भी सज़ा नहीं देता
ये छोटे छोटे दिये साज़िशों में रहते हैं
किसी का घर, कोई सूरज जला नहीं देता
--वसीम बरेलवी
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Friday, May 8, 2009
Monday, April 27, 2009
अगर वो आसमानों में बुलाये तो चले जाना
अगर वो आसमानों में बुलाये तो चले जाना
मोहब्बत करने वाले फासले देखा नहीँ करते
--वसीम बरेलवी
मोहब्बत करने वाले फासले देखा नहीँ करते
--वसीम बरेलवी
Sunday, March 29, 2009
सलीका ही नहीं उसे महसूस करने का
सलीका ही नहीं उसे महसूस करने का
जो कहता है, खुदा है तो नज़र आना ज़रूरी है
--वसीम बरेलवी
जो कहता है, खुदा है तो नज़र आना ज़रूरी है
--वसीम बरेलवी
Saturday, March 28, 2009
बहुत बेबाक आंखों में तालुक टिक नहीं पाता
बहुत बेबाक आंखों में तालुक टिक नहीं पाता
मोहब्बत में कशिश के लिये शर्माना ज़रूरी है
--वसीम बरेलवी
मोहब्बत में कशिश के लिये शर्माना ज़रूरी है
--वसीम बरेलवी
जा हमेशा के लिये मुझे छोड़ कर जाने वाले
जा हमेशा के लिये मुझे छोड़ कर जाने वाले
तुझसे हर लम्हा बिछड़ने का डर तो खत्म हुआ
--वसीम बरेलवी
तुझसे हर लम्हा बिछड़ने का डर तो खत्म हुआ
--वसीम बरेलवी
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