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Tuesday, November 15, 2011

तेरी सूरत से नहीं मिलती किसी की सूरत

तेरी सूरत से नहीं मिलती किसी की सूरत
हम जहाँ में तेरी तस्वीर लिए फिरते हैं

--हसरत जयपुरी

Source : http://lyricsindia.net/songs/show/6530

Sunday, December 27, 2009

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यों नहीं देते?

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यों नहीं देते?
ख़त किसलिए रखे हैं जला क्यों नहीं देते?

किस वास्ते लिखा है हथेली पे मेरा नाम
मैं हर्फ़ ग़लत हूँ तो मिटा क्यों नहीं देते?

लिल्लाह शब-ओ-रोज़ की उलझन से निकालो
तुम मेरे नहीं हो तो बता क्यों नहीं देते?

रह रह के न तड़पाओ ऐ बेदर्द मसीहा
हाथों से मुझे ज़हर पिला क्यों नहीं देते?

जब इसकी वफ़ाओं पे यकीं तुमको नहीं है
‘हसरत’ को निग़ाहों से गिरा क्यों नहीं देते?

–-हसरत जयपुरी


हर्फ = Syllable, Letter
शब-ओ-रोज़ = Night and Day

Lyrics: Hasrat Jaipuri
Singer: Hussain Brothers