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Tuesday, May 5, 2009

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में
वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले
--अलामा इक़बाल

tifl=Baby

Sunday, April 5, 2009

तूफान कर रहा था मेरे अज़्म का तवाफ

तूफान कर रहा था मेरे अज़्म का तवाफ
दुनिया समझ रही थी कश्ती भंवर में है
--अलामा इक़बाल