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Sunday, July 24, 2011

जमाने की अदावत का सबब थी दोस्ती जिसकी

जमाने की अदावत का सबब थी दोस्ती जिसकी,
अब उनको दुश्मनी है हमसे, दुनिया इसको कहते हैं।
-बेखुद देहलवी

अदावत=दुश्मनी
सबब=कारण

Sunday, April 5, 2009

तड़पूंगा उम्र भर दिल-ए-मरहूम के लिए

तड़पूंगा उम्र भर दिल-ए-मरहूम के लिए
कम्बख्त नामुराद लड़कपन का यार था
-- बेखुद देहलवी


Source : http://www.urdupoetry.com/bekhud04.html