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Saturday, July 31, 2010

तुम अगर साथ देने का वादा करो

तुम अगर साथ देने का वादा करो
मैं यूँही मस्त नग़मे लुटाता रहूं
तुम मुझे देखकर मुस्कुराती रहो
मैन तुम्हें देखकर गीत गाता रहूँ, तुम अगर...

कितने जलवे फ़िज़ाओं में बिखरे मगर
मैने अबतक किसी को पुकरा नहीं
तुमको देखा तो नज़रें ये कहने लगीं
हमको चेहरे से हटना गवारा नहीं
तुम अगर मेरी नज़रों के आगे रहो
मैन हर एक शह से नज़रें चुराता रहूँ, तुम अगर...

मैने ख़्वाबों में बरसों तराशा जिसे
तुम वही संग-ए-मरमर की तस्वीर हो
तुम न समझो तुम्हारा मुक़द्दर हूँ मैं
मैं समझता हूं तुम मेरी तक़दीर हो
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो
मैं बहारों की महफ़िल सजाता रहूं, तुम अगर...

मैं अकेला बहुत देर चलता रहा
अब सफ़र ज़िन्दगानी का कटता नहीं
जब तलक कोई रंगीं सहारा ना हो
वक़्त क़ाफ़िर जवानी का कटता नहीं
तुम अगर हमक़दम बनके चलती रहो
मैं ज़मीं पर सितारे बिछाता रहूं

तुम अगर साथ देने का वादा करो ...

Source : http://chitrageet.blogspot.com/2008/11/blog-post_788.html
* फ़िल्म - हमराज़ (१९६७) *
* गायक - महेंद्र कपूर *
* संगीतकार - रवि *
* गीतकार - साहिर लुधियानवी *


Thursday, September 17, 2009

हम इन्तज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक

हम इन्तज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत हो और तू आए

यह इन्तज़ार भी एक इम्तेहान होता है
इसी से इश्क का शोला जवान होता है
यह इन्तज़ार सलामत हो और तू आए

बिछाए शौक़ के सजदे वफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीद की हसरत लिए निगाहों में
कुबूल दिल की इबादत हो और तू आए

वो ख़ुशनसीब हो जिसको तू इन्तख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को कामयाब करे
जवाँ सितार-ए-क़िस्मत हो और तू आए

ख़ुदा करे कि क़यामत हो और तू आए

--साहिर लुधियानवी


Sunday, April 5, 2009

कल और आयेंगें नग़मों की खिलती कलियाँ चुनने वाले

कल और आयेंगें नग़मों की खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझ से बेहतर कहने वाले, तुम से बेहतर सुनने वाले
--साहिर लुधियानवी

Sunday, March 29, 2009

हम इंतज़ार करेंगे क़यामत तक

हम इंतज़ार करेंगे क़यामत तक
खुदा करे कि क़यामत हो और तू आये
--साहिर लुधियानवी