Showing posts with label Meena Kumari 'Naaz'. Show all posts
Showing posts with label Meena Kumari 'Naaz'. Show all posts

Wednesday, November 9, 2011

जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता

आग़ाज़ तो होता है अन्जाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता

[aaGaaz = start; anjaam = end/result]

जब ज़ुल्फ़ की कालिख में घुल जाये कोई रही
बद_नाम सही लेकिन गुम_नाम नहीं होता

[kaalikh = blackness]

हँस हँस के जवाँ दिल के हम क्यों ना चुनें टुकड़े
हर शख़्स की क़िस्मत में इनाम नहीन होता

बहते हुए आँसू ने आँखों से कहा थम कर
जो मै से पिघल जाये वो जाम नहीं होता

दिन डूबे हैं या डूबी बारात लिये कश्ती
साहिल पे मगर कोई कोहराम नहीं होता

--मीना कुमारी 'नाज़'

Source : http://www.urdupoetry.com/meena02.html