Showing posts with label Rohit 'Ayaan'. Show all posts
Showing posts with label Rohit 'Ayaan'. Show all posts

Monday, June 27, 2011

फूल खिल जाये वो जिधर निकले

जन्नतें सारी फिर उधर निकले
फूल खिल जाये वो जिधर निकले

मुस्कुरा दे जो आसमां की तरफ
सब दुआओं में फिर असर निकलें

रात आती हैं उसकी ख्वाइश में
चाँद तारें भी रात भर निकलें

वो गुजर जाये जिस भी रस्ते से
महका महका सा वो सफ़र निकले

मंजिलें ढूँढती हैं खुद उसको
हर सफ़र बिन किये ही सर निकले

नाम लिख ले जो उसका कागज पर
वही दुनिया में सुखनवर निकले

दिन गुजर जाता हैं ये लम्हों में
उसके संग रात मुख़्तसर निकले.............Dr.Rohit "AYAAN"