Wednesday, June 30, 2010

न जी भर के देखा, न कुछ बात की

न जी भर के देखा, न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

--बशीर बद्र

1 comment:

  1. this one by basheer badr sahab.

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